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ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के नन्हे सितारों ने रची कहानियां, वार्षिक रिजल्ट डे के दिन विश्व पटल पर छाई पुस्तकें

जिला संवाददाता जितेंद्र कुमार
आरा। ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय ने 28 मार्च, अपने वार्षिक रिजल्ट डे को ऐतिहासिक बना दिया। विद्यालय के 14 बाल लेखकों की स्वरचित पुस्तकों का भव्य विमोचन हुआ। स्थानीय ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय के नन्हें लेखकों ने अपनी कल्पनाशीलता के आधार पर प्रेरक कहानियों की पुस्तकें रच दीं। इन पुस्तकों का विमाचन डॉ. सविता रूंगटा, प्रो. रणविजय कुमार, डॉ. तुषार आर्या, निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन, प्राचार्या सीपी जैन, डॉ. हर्षित बिजय जैन ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि स्वरूप पधारे प्रो. रण विजय कुमार ने कहा कि इन नन्हे बाल लेखकों ने कमाल कर दिया है। इमेजिनेशन तो सभी कर लेते हैं, लेकिन उन्हें कलमबद्ध करना एक सराहनीय कदम है। इन बच्चों के साथ उनके अभिभावकों और विद्यालय परिवार का भी पूर्ण सहयोग मिला तभी ये सम्भव हो पाया है। आज के अत्याधुनिक युग में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से दूर हो रहे हैं। प्रो. रण विजय ने भावुकतापूर्ण शब्दों में कहा कि हमारे समाज में आज एक विडम्बना आ रही है कि कुछ युवा अभिभावक अपने बच्चों को उनके ग्रैण्ड पैरेन्ट्स के साथ ज्यादा समय बिताने से परहेज कर रहे हैं। डॉ. सविता रूंगटा ने कहा कि आज की इस आधुनिक युग में दादी-नानी की कहानियां विलुप्त हो रही हैं। पहले के समय में बच्चे अपने ग्रैण्ड पैरेन्ट्स से प्रेरक कहानियां सुनते थे। इससे उन्हें रोज एक नई शिक्षा भी मिलती थी। आज के डिजिटल जमाने में इस प्रकार बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्हें इतना अच्छा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय परिवार बधाई का पात्र है। 
निदेशक डॉ. आदित्य बिजय जैन ने बताया कि ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय अपनी स्थापना काल से ही शिक्षा के साथ-साथ छात्रा-छात्राओं को कलात्मक और रचनात्मक कार्यों के लिए प्रेरित करता रहा है। हमें यह बताते हुए अत्यंत हर्ष और गर्व का अनुभव हो रहा है कि इसी प्रेरणा के फलस्वरूप, वर्ग 4 से वर्ग 9 तक के कुल 14 मेधावी छात्रा-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशीलता से अद्भुत प्रेरणादायक कहानियाँ लिखी हैं। इन कहानियों को एक प्रतिष्ठित पब्लिकेशन संस्थान द्वारा अलग-अलग पुस्तकों के रूप में प्रकाशित किया गया है।
प्राचार्या डॉ. सीपी जैन ने इस आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब विद्यालय में छात्र-छात्राओं को ये सूचना दी गई कि आप अपनी कल्पना से कहानियां लिखें, तो बाल लेखकों की होड़ लग गई। लगभग 120 से अधिक बच्चों ने अपनी एक से बढ़कर एक काल्पनिक कहानी लिखी। इनमें से अभी पहली बार में कुल 14 सबसे अच्छी कहानियों का चयन किया गया और उन्हें पब्लिश कराया गया है। साथ ही प्राचार्या ने बताया कि इन 14 पुस्तकों में से भी बेस्ट 3 पुस्तकों का चयन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के लिए किया गया है। पब्लिकेशन कम्पनी द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित कराई जाएगी और उसमें चयन होने पर उक्त बाल लेखक की पुस्तक विभिन्न ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी। जिनवाणी मैनेजमेन्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ. तुषार आर्या ने अपने सम्बोधन में कहा कि ये नन्हे बच्चे तो कॉलेज के बच्चों का मुकाबला अभी से कर रहे हैं। इनकी साकारात्मक सोंच और इनके वक्तव्य में अभी से कॉन्फीडेन्स दिख रहा है। पुस्तक प्रिंट की कॉॅर्डिनेटर जिनवाणी जैन ने लेखन से प्रकाशन तक के सफर पर प्रकाश डालते हुए सभी 14 बच्चों का नाम बताया। ये वर्ग 4 से 9 तक के सुधाकर सिंह, रवनीत कुमार, सारिका भारद्वाज, वैष्णवी, आस्था रानी, नव्या जैन, राजवीर सिंह, साक्षी परमार, श्रेष्ठ बिजय जैन, श्रेया, नायरा कश्यप, सात्विक वर्मा, आन्वी आर्या, आरण्य शिवाली हैं। जिनवाणी ने बताया कि सभी बच्चों ने स्वयं से कहानी लिखा फिर स्कूल प्रबन्धन द्वारा सलेक्ट किया गया और फिर बच्चों ने स्वयं से ही कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर पर टाईप किया और अपनी कहानी के अनुसार चित्र भी स्वयं ही सेट किया है। सिद्ध बिजय जैन ने हर्ष के साथ सूचित किया कि ये सभी पुस्तकें विश्व पटल पर ऑनलाईन पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सभी पुस्तकों का क्यू-आर कोड दिया गया है और कोई भी व्यक्ति इस क्यू-आर कोड के द्वारा पुस्तक ऑनलाईन प्राप्त कर सकता है। 
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में बाल लेखकों के अभिभावकगण भी अत्यन्त प्रसन्नचित दिखे। अभिभावकों को अपने पुत्र-पुत्रियों पर गर्व हो रहा था। एक बाल लेखक सात्विक वर्मा के अभिभावक नीशित ज्ञान ने ज्ञान ज्योति आवासीय विद्यालय को हमेशा कुछ नया करने और बच्चों को नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराते रहने के लिए साधुवाद दिया। अन्य सभी अभिभावकगण भी अपने बच्चों की उपलब्धी पर प्रसन्न दिखे।

इस विमोचन कार्यक्रम में दीपक अकेला, अरिहन्त बिजय जैन, चतुरानन ओझा, रोमू जैन, दीपक उपाध्याय, अभय कुमार, भीम, विरेन्द्र, आशुतोष दीक्षित, विकास आदि समेत सैकड़ों अभिभावकगण उपस्थित थे।

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